उतई- दुर्ग जिला ही नहीं अपितु ईमानदारी से जांच की जाय तो प्रदेश भर के आहता सेंटराे में अवैध तरीके से पानी पाऊच एवं डिस्पोजल की खुलेआम और अनाप शनाप दामों पर बिक्री की जा रही है ।जिसका वेस्ट मटेरियल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा हैं । नियम के अनुसार आहता सेंटर पर पानी पाउच एवं डिस्पोजल बेचना नियम के विरुद्ध हैं शासन ने भी पर्यावरण की सुरक्षा के दृष्टिकोण से इसे घातक बताया है ।बावजूद इसके आबकारी विभाग के अधिकारियों ने आंखे मूंद रखी है और शासन के अधिकारी कर्मचारी होकर अवैध व नियम विरुद्ध कार्यों को प्रश्रय दे रहे है । नियमानुसार आहतों में ऐसा पाया जाता है तो इस स्थिति में आहता सेंटर का लाइसेंस भी रद्द करने का प्रावधान है लेकिन नियमों को ताक पर रख कर अधिकारीयों की मिली भगत से खुले आम अहाता सेंटर में पानी पाउच एवं डिस्पोजल की खुलेआम बिक्री की जा रही हैं । प्रदेश की साय सरकार द्वारा चलाए जा रहे सुशासन तिहार पर क्षेत्र के सतीश पारख ने लिखित आवेदन लगाते हुवे आरोप लगाया कि कईं दारू भट्टी में प्रिंट रेट से ज्यादा में बियर एवं दारू भी बेचने की शिकायतें आ रही है। जिसमें आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत को नकारा नहीं जा सकता। इसके साथ ही कई बारों में पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के बावजूद उन्हें बार का लाइसेस जारी किया गया हैं जो की नियम के विरुद्ध है इसके साथ ही सतीश पारख ने यह भी आरोप लगाया कि अंग्रेजी शराब जो ब्रांडेड है उन्हें कोचियों और बार वालों को दे दिया जाता हैं आम जनता को जबरदस्ती कोई भी नया ब्रांड की शराब दी जा रही है साथ ही दुर्ग जिला के कई होटल एवं ढाबा में अवैध तरीके से बैठा कर दारू पीलने का भी काम किया जा रहा हैं जिनके द्वारा भी विभाग को मासिक दिए जाने की खबर है । उन्होंने आरोप लगाया की इसके पहले भी कई बार शिकायतें की गई किंतु कोई कार्यवाही अब तक विभाग द्वारा तय नहीं की गई ।सतीश पारख ने साफ साफ आबकारी विभाग को निशाना में लेकर आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिली भगत के बिना यह कार्य नहीं हो सकता । विभाग सहित जिला प्रशासन इस मामले में अपने ईमानदार होने का परिचय देते हुवे हर ढाबों और बार की जांच कर कार्यवाही निर्धारित करे और पर्यावरण संरक्षण में एक सच्चे नागरिक होने का परिचय देते हूए डिस्पोजल व पानी पाऊच पर कड़ाई से बैन का निर्धारण करे ।
बैन के बावजूद शराब दुकानों मे नियम विरुद्ध डिस्पोजल व पानी पाऊच की बिक्री/पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने में आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध कार्य करने वालों की बल्ले बल्ले...सतीश पारख
प्रधान सम्पादक - लोकेश नाग
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