दुर्ग - छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी जी ने कहा कि, आज 20 फरवरी को भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में शरद चंद्र बोस का नाम एक ऐसे योद्धा के रूप में दर्ज है । जिन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मंच से देश की आजादी की ललक जागी आज उनकी पुण्यतिथि पर हम उसे महामानव को याद कर रहे हैं । जिन्होंने कांग्रेस के एक समर्पित नेता और बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में संगठन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा ।शरद बाबू ने न केवल कांग्रेस की नीतियों को जमीन पर उतारा बल्कि पार्टी के भीतर भी निर्भरता और सिद्धांतों की राजनीति का परिचय दिया । "आजाद हिंद फौज" के संघर्ष को मुख्य धारा की राजनीति से जोड़ने और विभाजन की चुनौतियों के बीच देश की एकता को सर्वपरी रखने में उनकी भूमिका अतुल्य रही है । शरद बाबू ने न केवल नेता जी के क्रांतिकारी विचारों को आज जब हम एक प्रगतिशील और अखंड भारत की बात करते हैं तो शरत चंद्र बोस के विचार हमारे लिए एक मिसाल की तरह काम करते हैं । शरद बाबू ने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी और नैतिक मोर्चों पर लड़ाई लड़ी
उनका जीवन राष्ट्रवाद, सामाजिक न्याय और अटूट साहस का एक अद्वितीय दस्तावेज है । आज इस डिजिटल युग में उनके विचार सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं में प्रेरित करते रहे हैं कि, राष्ट्रीय हित से बड़ा कोई धर्म नहीं होता । इसलिए हम सब मिलकर इस महामानव के सपनों का भारत बनाने का संकल्प ले। आज उनकी पुण्यतिथि पर मैं शत-शत नमन और श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं ।

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