
दुर्ग - छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने कहा कि, जो राज्य शासन द्वारा 2026 का बजट जो पेश किया गया है वह पूरी तरह से जन विरोधी है, क्योंकि चुनाव के समय आम जनता को इन्होंने बहुत सारे वादे 2025 में किए थे । वह वादे अभी तक पूरा नहीं किया गया और ना ही 2026 के बजट में प्रस्तुत नहीं किया गया । रजिस्ट्री और पंजीयन शुल्क पिछले 3 सालों में जितना रजिस्ट्री और पंजीयन शुल्क राज्य शासन द्वारा बढ़ाया गया इस मामले को लेकर संपूर्ण छत्तीसगढ़ के लोगों में आक्रोश है । जिसके बारे में छत्तीसगढ़ के सभी राजनीतिक दल के लोगों ने इसका विरोध किया है । जबकि मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री से मिलकर अनुरोध किया गया था की, बढ़ाए गए रजिस्ट्री और पंजीयन शुल्क कम किया जाएगा । लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि बजट पेश होने के बावजूद कोई राहत नहीं मिली । उसमें इस बात का भी उल्लेख नहीं किया गया । इस तरह छत्तीसगढ़ के लोगों को छल किया गया है यह बजट पूरी तरह से गरीब विरोधी है छत्तीसगढ़ की जनता को बजट के अन्य मामलों उतनी चिंता नहीं थी लेकिन छत्तीसगढ़ की जनता को सरकार पर इतना भरोसा था की बढ़ाए गए रजिस्ट्री रेट और पंजीयन शुल्क को सरकार द्वारा जरूर कम किया जाएगा । लेकिन सरकार ने कम नहीं किया 2 साल से रजिस्ट्री रेट में बढ़ोतरी कम हुई थी और अचानक सरकार के द्वारा रेट बढ़ा दिए जाने के कारण आम जनता को अतिरिक्त बोझ बना हुआ है । विशेष कर गरीब एवं निम्न आय वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी । किंतु भूमि एवं संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाले पंजीयन शुल्क में किसी भी प्रकार की कमी नहीं की गई है । इस निर्णय से गरीब, मजदूर, छोटे किसान एवं निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों को घर या जमीन खरीदते समय भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । हम राज्य सरकार से विनम्र निवेदन करते हैं कि आमजन की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए रजिस्ट्री एवं पंजीयन शुल्क में उचित कमी की जाए ताकि हर व्यक्ति अपने घर का सपना साकार कर सके । बढ़ती महंगाई और सीमित आय के बीच इतना अधिक शुल्क देना कई परिवारों के लिए अत्यंत कठिन है अतः सरकार से पुनर्विचार कर जनहित में ठोस निर्णय लेने की अपेक्षा की जाती है ।
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