
दुर्ग - छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर महात्मा गांधी कैंप 1 भिलाई में महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर माल्या अर्पण कर और कहा कि, महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर हम राष्ट्रपिता को कोटि-कोटि नमन अर्पित करते हैं । सत्य, अहिंसा, त्याग और मानवता के मूल्य पर आधारित उनका जीवन आज भी समस्त विश्व को मार्गदर्शन प्रदान करता है । इस पुण्यतिथि पर हम संकल्प लेकर उनके आदर्शों को उनके नाम पर बने हुए कार्यक्रम जिसमें मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम ) औपचारिक रूप से 2 फरवरी 2006 से शुरू हुआ था इसकी शुरुआत में देश के 200 सबसे पिछड़े जिलों में की गई थी, जिसे बाद में 1 अप्रैल 2008 तक पूरे देश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में लागू कर दिया गया । इस योजना को 7 सितंबर 2005 को कानूनी रूप से अधिसूचित किया गया था । इस योजना को पूरे हिंदुस्तान में लागू किया गया है और आज भी उनके मार्गदर्शन में बने हुए कार्यक्रमों को समाप्त करना चाहती है । पहले इस योजना में केंद्र सरकार राज्य सरकारों को आर्थिक रूप से सहयोग प्रदान करती थी लेकिन केंद्र सरकार इस योजना को पूरा मदद ना कर राज्य सरकार के ऊपर क्रियान्वित करने के लिए छोड़ रही है । ऐसी स्थिति में राज्य सरकारों को अपने साधन से क्रियान्वित करना संभव नहीं है । इसलिए केंद्र सरकार पूर्व के भांति अनुदान की राशि देकर इस कार्यक्रम को पूर्व की तरह क्रियान्वित करने के लिए पूरी मदद करें । जिससे देश की गरीब किसानों को पूर्व की भांति लाभ मिल सके । अपने जीवन में अपना कर एक बेहतर और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान देंगे ।
इस कार्यक्रम में मुकेश चंद्राकर , नीता लोधी, समय लाल साहू , बैजनाथ शुक्ला, बृजमोहन सिंह, नंदकुमार कश्यप , आदित्य सिंह, अमित कुमार जैन, सोहेब मोहम्मद खान, जब्बार खान, बलदेव , शशिकांत साहू, अनुसुइया, कीर्ति सिंह, राजेश गुप्ता, दुर्गा प्रसाद साहू, मेरिक सिंह, दीदार भाई, मनीष शुक्ला, अब्दुल्ला ताहुर पवार, गुलाम उस्मानी, नजमुन निशा, नाईन बेग, वी . कन्हैयालाल, अनिल सिंह , बबलू, दिनेश गुप्ता, उमराव साहू , सलीम, देव कुमार बंजारे, कन्हैया, बद्रीनाथ बघेल, कृष्ण सिंह, राजेंद्र महिलांग, जोहन सिंह , नरसिंह नाथ , रामा विश्वकर्मा, जे . आर.साहू, नरेंद्र पीपरोल, विजय प्रताप, अजय कुमार यादव, लादूराम सिंह , जितेश बंजारे, गोविंद कोसले, श्रीमती बडानी शामिल थे ।
एक टिप्पणी भेजें