
दुर्ग - दुर्ग जिले के खम्हरिया गांव में धनोरा परिक्षेत्रीय पटेल (मरार) समाज द्वारा भव्य शाकंभरी महोत्सव एवं सामाजिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह आयोजन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और समाज कल्याण की भावना का सशक्त उदाहरण बना। कार्यक्रम में क्षेत्र के नौ गांव — खम्हरिया, धनोरा, हनोदा, पोटिया, उमरपोटी, पुरई, कोड़िया, भानपुरी एवं पऊवारा — से हजारों की संख्या में माताएं-बहनें एवं सामाजिक बंधु शामिल हुए।
महोत्सव के अंतर्गत साग-भाजी, फल-फूलों से सुसज्जित माता शाकंभरी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो पूरे ग्राम भ्रमण पर रही। माताओं द्वारा सिर पर कलश धारण कर शाकाहार एवं प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया। शोभायात्रा में पंथी नृत्य, राउत नाचा, सुवा नृत्य, डंडा नृत्य एवं बस्तर नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति का जीवंत प्रदर्शन किया। भव्य झांकियां आयोजन का मुख्य आकर्षण रहीं।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में दुर्ग ग्रामीण के पूर्व विधायक एवं पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष राकेश हिरवानी, मरार समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुनील पटेल, राज अध्यक्ष गया प्रसाद पटेल उपस्थित रहे। वहीं द्वितीय सत्र के मुख्य अतिथि राज्य ग्रामीण एवं पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर रहे। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष आत्माराम पटेल, महामंत्री मनेन्द्र पटेल सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
सभी अतिथियों का स्वागत परिक्षेत्रीय मरार समाज अध्यक्ष यशवंत पटेल के नेतृत्व में शेषनारायण पटेल, नुमेन्द्र पटेल, फलेंद्र पटेल, रमेश पटेल, मनोज पटेल, प्रकाश पटेल एवं समस्त पंचगणों द्वारा किया गया।
मुख्य अतिथि ताम्रध्वज साहू ने माता शाकंभरी की पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा को ग्राम भ्रमण हेतु रवाना किया। उन्होंने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि मरार समाज अत्यंत मेहनती एवं परिश्रमी समाज है। जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने सदैव समाज के उत्थान के लिए कार्य किया है और आगे भी यह प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने माता शाकंभरी से समाज के प्रत्येक परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
प्रदेश अध्यक्ष सुनील पटेल ने शाकंभरी महोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन परिक्षेत्रीय स्तर पर प्रदेश का पहला ऐसा आयोजन है, जो इतनी भव्यता और सुव्यवस्था के साथ संपन्न हुआ है। यह समाज की संगठित शक्ति और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।
महोत्सव के अंतर्गत आशीर्वाद ब्लड बैंक, नेहरू नगर दुर्ग के सहयोग से विनोबा फुले रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें मरार समाज द्वारा 36 यूनिट रक्तदान किया गया। रक्तदाताओं को हेलमेट एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस पहल ने “रक्तदान महादान” के संदेश को सार्थक किया।
द्वितीय सत्र में माता शाकंभरी की महाआरती के पश्चात समाज के उत्कृष्ट किसान, समाजसेवी, व्यापारी, साथ ही शिक्षा, कला, खेल, आधुनिक कृषि, नौकरी एवं व्यवसाय के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं एवं सामाजिक बंधुओं का सम्मान किया गया।
मुख्य अतिथि विधायक ललित चंद्राकर ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि मरार समाज श्रम और सेवा का प्रतीक है। इस समाज के बिना गृहस्थ जीवन की कल्पना अधूरी है, क्योंकि फल-फूल एवं सब्जियों के माध्यम से समाज का योगदान हर परिवार तक पहुंचता है। उन्होंने समाज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ग्राम कोड़िया के लिए सामुदायिक भवन आबंटन की घोषणा की।
कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष खेलु पटेल, महामंत्री केशव पटेल, सचिव अशोक पटेल, धमधा राज अध्यक्ष दिनेश पटेल, पाटन राज अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण पटेल, रोता राज अध्यक्ष रमेश पटेल सहित विभिन्न राजों से हजारों की संख्या में सामाजिक गण उपस्थित रहे।
समग्र रूप से यह आयोजन सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक गौरव और समाज कल्याण की भावना को सुदृढ़ करने वाला ऐतिहासिक आयोजन सिद्ध हुआ।




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