दुर्ग - छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने कहा कि, भारत के प्रथम राष्ट्रपति स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी एवं सादगी त्याग और राष्ट्र सेवा की प्रतिमूर्ति डॉ राजेंद्र प्रसाद जी की पुण्यतिथि 28 फरवरी को हम उन्हें श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ नमन करते हैं ।
उनका संपूर्ण जीवन देश और समाज की सेवा के लिए समर्पित रहा ।स्वतंत्रता आंदोलन में उन्होंने महात्मा गांधी जी के साथ मिलकर सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । 26 जनवरी 1950 को भारत के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभालते हुए उन्होंने लोकतंत्र की मर्यादाओं को सुदृढ़ किया और सादगी पूर्ण जीवन जीते हुए उच्च आदर्श स्थापित किया । उनका व्यक्तित्व यहां सीखता है कि सर्वोच्च पद पर पहुंच कर भी विनम्रता और सेवा भाव कैसे बनाए रखा जाता है । स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र निर्माण के दौर में "इंडियन नेशनल कांग्रेस" के कार्यकाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती पंचवर्षीय योजनाओं की शुरुआत, शिक्षा व कृषि सुधार, सार्वजनिक क्षेत्र की स्थापना और सामाजिक न्याय की दिशा मैं अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए, जिन्होंने आधुनिक भारत के नींव को सशक्त किया । आज 28 फरवरी की इस पुण्यतिथि पर हम संकल्प लेते हैं कि उनके आदर्शों ईमानदारी कर्तव्य निष्ठा और राष्ट्र प्रेम को अपने जीवन में अपनाएंगे ।

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