
महासमुंद - जिला पंचायत के पूर्व सभापति अमर अरूण चंद्राकर ने सिरपुर-मोहमेला बॅराज निर्माण के लिए बजट में 690 करोड़ का प्रावधान के स्वागत करते हुए कहा कि यदि इस बॅराज को किसान व गरीब, मजदूर वर्ग के हित को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है तो इसका संपूर्ण संचालन की जिम्मेदारी महासमुंद जिला कलेक्टर व जल संसाधान विभाग को मिलना चाहिए। चूंकि इससे पूर्व रमन सरकार के कार्यकाल में इसी तरह से किसानों के लिए हरदी एनीकट का निर्माण 8 करोड़ की लागत से किया गया था। जिसमें यह कहा गया था कि महासमुंद जिले के पीढ़ी के 120 हेक्टेयर, गढ़सिवनी के 120 हेक्टेयर खेतों काे सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा। लेकिन, उक्त एनीकट से ना ही किसानों को पानी मिला आैर ना ही उसका उपयोग किसी अन्य प्रयोजन के लिए हुआ। उक्त एनीकेट का उद्घाटन तब के जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद चंदूलाल साहू सहित बड़े- नेताओं, अधिकारियों द्वारा किया गया था। आज उक्त एनीकट कबाड़ में तब्दील हो गया है।
अमर ने कहा कि वर्तमान बजट में मोहमेला-सिरपुर बॅराज के लिए 690 करोड़ रू. का प्रावधान किया गया है। बॅराज निर्माण होने से किसानों को खरीफ व रबी सीजन में पानी देने की बात कही जा रही है। लेकिन, इसके विपरीत एक आैर खास मकसद सरकार छुपाने का प्रयास कर रही है, जो अडानी पावर को वाॅटर सप्लाई करना है। बॅराज निर्माण का मुख्य उद्देश्य अडानी पाॅवर लिमिटेड रायपुर को आैद्योगिक प्रयोजन के लिए जल आपूर्ति करना है। सरकार के अनुसार इस बॅराज से पानी देने पर अडानी कंपनी की ओर से 27 करोड़ प्रतिवर्ष सालाना राजस्व जलकर के रूप में शासन को मिलेगा।
अमर ने कहा कि मोहमेला-सिरपुर बॅराज निर्माण पश्चात बॅराज का संपूर्ण दायित्व कलेक्टर व जल संसाधन महासमुंद को मिलना चाहिए। ताकि, भविष्य में इस बॅराज का उपयोग महासमुंद विधानसभा क्षेत्र के गाँवों के विकास के लिए किया जा सके। बॅराज का उपयोग आधुनिक माॅडर्न तरीके से किया जाए जिसमें किसानों के लिए सिंचाई जल, बिजली उत्पादन, पर्यटन सहित आवश्यक होने पर आैद्योगिक प्रयोजन के लिए इसका उपयोग हो सके। अमर ने बताया कि भाजपा के ही डाॅ. रमन सिंह सरकार के समय समोदा-अछोला बॅराज का निर्माण हुआ है। बॅराज निर्माण से पूर्व महासमुंद विधानसभा के अछोला गाँव के सैकड़ों एकड़ जमीन डूबान क्षेत्र में आकर प्रभावित हुआ है। बॅराज निर्माण के दाैरान यह कहा गया था कि अछोला के 100 एकड़ जमीन को सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा। लेकिन आज तक समोदा बॅराज से अछोला के किसानों को एक बूंद भी पानी सिंचाइ के लिए नहीं दिया गया। जबकि, समोदा बॅराज से तिल्दा-नेवरा के रायखेड़ा स्थित अडाणी के जीएमआर पावर प्लांट सहित अन्य उद्योगों को पानी की आपूर्ति की जाती है। इसी बॅराज से वर्तमान में सिरपुर क्षेत्र के 48 गाँवों को पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है।
अमर ने बताया कि पूर्वतर्ती कांग्रेस कार्यकाल में बनी इस योजना को वर्तमान में भाजपा की साय सरकार की कुदृष्टि लग गई है। पिकाडिली शराब फैक्ट्री को भी इसी समोदा बॅराज से पानी देने की बातें सामने आ रही है, जिससे भविष्य में क्षेत्र के 48 गाँवों को पानी मिल पानी संभव नहीं है। अमर ने कहा कि जब समोदा-अछोला बॅराज का निर्माण हुआ, उस समय जिन किसानों की भूमि डूबान क्षेत्र में आया, उन्हें भाजपा ने मुअावजा तक नहीं दिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में किसानों को मुआवजा मिल पाया था। उन्होंने कहा कि मोहमेला-सिरपुर बॅराज का निर्माण किसान हित, आम जनों के हितों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है, तो क्षेत्र के ग्रामीण इस योजना का हार्दिक स्वागत करते हैं, लेकिन, यदि हरदी एनीकट तथा समोदा - अछोला बॅराज की तरह किसानों के साथ छल व अन्याय किया गया तो, क्षेत्र के किसानों के साथ मिलकर सड़क की लड़ाई लड़ने को बाध्य होंगे।

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